
चंडीगढ़
22 अप्रैल 2020
दिव्या आज़ाद
देश इस समय कोरोना जैसी गंभीर महामारी से जूझ रहा है जिसके लिए केंद्रीय सरकार सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर वाजिब कदम उठा रही है। लेकिन कुछ लोग अलग ही सुर्खियां बटोरने की होड़ में लगे हैं। सेल्फ-वालंटियर करके लोगों तक खाना पहुंचाने या राशन बांटने का चलन सरकार द्वारा मना करने के बावजूद जारी है।

देखा जाए तो जरूरतमंद लोगों तक खाना पहुंचाना एक बहुत ही अच्छा काम है लेकिन इसके चलते दूसरों की जान खतरे में डालना कितना सही है? पिछले कुछ दिनों में ऐसे कोरोना पॉजिटिव मामले भी सामने आए जो लगातार राशन या लंगर बांटने की सेवा कर रहे थे। इसको देखते हुए सरकार ने लोगों को साफ आदेश दिया था कि यदि आप मदद करना चाहते हैं तो खुद राशन बांटने के बजाए आप हमसे संपर्क करके हमतक सामान पहुंचा सकते हैं। लेकिन लोग मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं और सरेआम सोशल डिस्टेनसिंग की धज्जियां उड़ती देखी जा सकती हैं।
नहीं बरते जा रहे पूरे एहतियात
जहां आदेशों का पालन करके बहुत से लोग साफ व सेनिटाइज्ड तरीके से खाना बना रहे हैं व मास्क लगाकर राशन वितरित कर रहे हैं, वहीं बहुत से लोग इस बात पर ध्यान देना भूल गए हैं कि जिनको राशन बांटा जा रहा है उनके मास्क लगा होना,उनके हाथ साफ होना व सोशल डिस्टेनसिंग के दायरे में रहकर ही राशन बांटा जाना चाहिए।
फोटो खिंचवाने से भी बाज नहीं आ रहे लोग
समाजसेवा का नाम देकर मानवीय कार्य में अपना समर्थन देने की बात करने वाली बहुत सी जनता ऐसी भी है जो इसका पूरा प्रचार-प्रसार भी कर रही है। लोगों को राशन पकड़ाते हुए फोटो खिंचवाकर या वीडियो बनवाकर सोशल मीडिया पर पूरा दिखावा भी किया जा रहा है। आखिर यह कैसी सेवा-भावना हुई कि आपको उसका सबूत फोटो के रूप में सभी को देना पड़ा? दान-सेवा वह होता है जो चुपचाप की जाए न कि ढिंढोरा पीटकर।
हाल ही में हुई घटना
बीते सोमवार की घटना मोहाली/खरड़ की है जहाँ एक जगह खुले मैदान में दोपहर के समय राशन बांटा जा रहा था। पास के गांव के लोग राशन लेने के लिए इस प्रकार एकत्रित हुए कि अच्छी-खासी भीड़ जमा हो गई। हर परिवार से 3 से 5 लोग राशन लेने पहुंच गए। सोशल डिस्टेनसिंग का कोई पालन नहीं हो रहा था। काफी समय तक एक जगह पर भीड़ देखकर जब किसी ने पुलिस को फोन कर दिया तो पुलिस को आता देख सभी वहां से भाग खड़े हुए। जो गाड़ी सामान भरकर आई थी वह भी वहां से निकल पड़ी और जो राशन बांटने आया था वो भी अपनी कार लेकर भाग निकला।
दान-सेवा करना बहुत ही अच्छा कार्य है लेकिन इस समय यह पूरे एहतियात के साथ सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए किया जाना चाहिए नहीं तो बहुत बड़ा खतरा भी बन सकता है।
